गया, अक्टूबर 17 -- Gaya News: यदि जीवन जीने की कला सीखनी है तो श्रीरामचरित मानस के शरण मे आना होगा। क्योंकि जीवन कैसे जीना चाहिए यह मानस सिखाता है और मरना श्रीमदभागवत। शारदीय नवरात्र के अवसर पर ऐतिहासिक नगर टिकारी के अंदर किला काली स्थान में चल रहे श्रीरामचरित मानस पाठ व प्रवचन के दौरान श्रीरामचरित मानस की महिमा का बखान करते हुए उक्त बातें प्रवचनकर्ता पंडित रामकृष्ण त्रिवेदी ने कही। पंडित त्रिवेदी ने कहा कि श्रीरामचरित मानस पिता पुत्र, मित्र दोस्त, भाई, कुटुंब, परिवार,राजा प्रजा, व्यापारी, स्वामी, सेवक सभी को नितिगत व्यवहारिक धर्म सिखाता है। आज के इस विद्वेष पूर्ण वातावरण मे श्रीरामचरित मानस अन्यतम ग्रन्थ है, लेकिन वर्तमान युवा पढ़ी इसके अनुकरण से बहुत दूर निकलती दिखाई दे रही। पंडित त्रिवेदी ने कहा कि श्रीराम कथा हमारे जीवन की कथा है। मर्य...