गया, जुलाई 12 -- Gaya News: अधिक मास खत्म होने के बाद 16 जून से शुरू हुए मांगलिक दिनों में रविवार तक शादी-विवाह हुए। 13 जुलाई सोमवार से बैंड बाजा और बाराती का शोर थम जाएगा। अभी गुरु के वृद्ध होने के कारण 24 जुलाई तक और फिर 25 जुलाई से शुरू हो रहे चातुर्मास के कारण मांगलिक दिनों का अभाव रहेगा। तब तक यानी चार माह शहनाई की गूंज सुनाई नहीं पड़ेगी। नए घरों में गृह प्रवेश सहित अन्य शुभ कामों पर भी ब्रेक रहेगा। मांगलिक दिनों के अभाव में जिले के प्रमुख धामों सहित बाजार की रौनक फीकी पड़ गई है। चातुर्मास खत्म होने यानी चार माह बाद नवंबर में शादी-विवाह के मंत्र गूजेंगे। 21 नवंबर के बाद शुरू होंगे मांगलिक दिन

आचार्य का विवरण आचार्य नवीनचंद्र मिश्र वैदिक ने बताया कि 12 जुलाई को अंतिम मांगलिक दिन रहा है। चातुर्मास तो 25 जुलाई से शुरू हो रहा है। लेकिन, इ...