गौरीगंज, अक्टूबर 8 -- Gauriganj News: मुसाफिरखाना। स्थानीय गांधी पार्क में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन कथा व्यास स्वामी प्रणवपुरी महाराज ने संतान के संस्कार और उसके कर्मों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न दृष्टांतों के माध्यम से कहा कि संतान के सुकर्म से पिता का यश बढ़ता है, जबकि उसके कुकर्म से परिवार और कुल को अपयश का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि माता-पिता का दायित्व केवल बच्चों का पालन-पोषण करना ही नहीं, बल्कि उन्हें अच्छे संस्कार और सदाचार की शिक्षा देना भी है। संस्कारित संतान अपने आचरण और कर्मों से परिवार की प्रतिष्ठा बढ़ाती है तथा समाज के लिए भी प्रेरणास्रोत बनती है।

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