गौरीगंज, अक्टूबर 6 -- Gauriganj News: मुसाफिरखाना। संवाददाता स्थानीय गांधी पार्क में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास स्वामी प्रणव पुरी महाराज ने भगवान विष्णु के वामन अवतार और राजा बलि के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।कथा व्यास ने बताया कि असुरराज बलि के तीनों लोकों पर अधिकार करने से देवता चिंतित हुए, तब भगवान विष्णु ने अदिति-कश्यप के यहां वामन रूप में अवतार लिया। यज्ञ मंडप में पहुंचकर भगवान ने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी। बलि के संकल्प लेते ही वामन भगवान ने विराट त्रिविक्रम रूप धारण कर दो पग में पृथ्वी, अंतरिक्ष और स्वर्ग को नाप लिया। तीसरे पग के लिए स्थान न बचने पर बलि ने अपना सिर प्रभु के चरणों में समर्पित कर दिया। कथा व्यास ने कहा कि अहंकार का अंत निश्चित है और प्रभु के प्रति समर्पण ही मुक्ति का मार्ग है। प्रह्लाद, समुद...