गौरीगंज, अक्टूबर 11 -- Gauriganj News: शुकुल बाजार। संवाददाता क्षेत्र के उत्तरी दिशा में आदि गंगा गोमती नदी के तट पर पन्ही गांव में स्थित माता कामाख्या देवी मन्दिर का इतिहास बहुत ही पुराना है। मान्यता है कि नवरात्रि में मां कामाख्या की पूजा अर्चना करने एवं दीपक जलाने से भक्तों को सभी मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।मांझगांव ग्राम पंचायत के पन्ही गांव निवासी व मन्दिर के पुजारी सुरेन्द्र दास महराज बताते हैं कि लगभग ढाई सौ वर्ष पूर्व पन्ही निवासी एक व्यक्ति मकान निर्माण कराने के लिये नींव की खुदाई करा रहे थे। खुदाई के दौरान एक पत्थर से फावड़ा टकराया और पत्थर से रक्त निकलने लगा। बताते हैं कि इतना रक्त निकला की खून से जगह भर गयी। इसके बाद खुदाई बन्द कर दी गयी। दूसरे दिन नीव की खुदाई में काले पत्थर की माता की मूर्ति मिली जो मगरमच्छ पर सवार थी...