नई दिल्ली, मई 30 -- गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के प्रमुख पुराणों में से एक है, जिसमें मृत्यु के बाद की यात्रा, कर्मों के फल और नरक-स्वर्ग का विस्तार से वर्णन मिलता है। इसमें भगवान विष्णु गरुड़ जी को बताते हैं कि मनुष्य के अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार उसे 84 लाख योनियों में भटकना पड़ता है। पाप कर्म करने वाले व्यक्ति को नरक की भयंकर यातनाएं भोगनी पड़ती हैं, जबकि पुण्य करने वाले को सुखद गति प्राप्त होती है। गरुड़ पुराण में कुछ ऐसे महापापों का उल्लेख है, जिन्हें करने वाले व्यक्ति को यमलोक में अत्यधिक कष्ट सहने पड़ते हैं।84 लाख योनियों का चक्र गरुड़ पुराण के अनुसार, जीव अपने कर्मों के आधार पर विभिन्न योनियों में जन्म लेता है। वृक्ष, लता, पर्वत, कीट, पशु, पक्षी और जलचर योनियों में भटकने के बाद अंत में मनुष्य योनि प्राप्त होती है। पापी व्यक्ति को बार...