गंगापार, जुलाई 21 -- Gangapar News: मेजा, हिन्दुस्तान संवाद। कस्तूरबा आवासीय बालिका आवासीय विद्यालय मेजा खास की दर्द भरी कहानी उनके ही अफसर दूर नहीं कर सके, जिससे आवासीय विद्यालय में रहने वाली छात्राएं, शिक्षक, शिक्षिकाएं व रसोइयां सहित अन्य को परेशानी झेलनी पड़ रही है।प्रधानाचार्य शिवनंदिनी तथा वार्डन ने बताया कि आवासीय विद्यालय तक पहुंचने का मार्ग उबड़-खाबड़ होने की वजह से लगभग डेढ़ किलोमीटर घने जंगल के बीच से पैदल चलकर मेजा कोरांव मुख्य मार्ग तक पहुंचना काफी कष्टकारी है। सबसे अधिक दिक्कत आवासीय विद्यालय तक राशन व अन्य सामान पहुंचने में काफी दिक्कते होती हैं, एक बार जो सामान पहुंचने वाला वाहन चालक आता है, आवासीय विद्यालय तक दोबारा आने के लिए सोचता है। उबड़-खाबड़ पथरीले मार्ग पर पग भर भी चलना दुश्वार है। प्रधानाचार्य ने बताया कि कक्षा 6 से लेक...