गंगापार, अक्टूबर 14 -- Gangapar News: सिरसा कस्बे में चल रही रामलीला के तीसरे दिन धनुष यज्ञ का कुशल मंचन हुआ, जिसमें भारी संख्या में पहुंचे दर्शकों ने रामलीला के मंचन को सराहा। मिथिला के राजा जनक के पास भगवान शिव का दिया हुआ एक विशाल धनुष था, जिसका नाम पिनाक था। कोई भी उसे हिला भी नहीं पाता था। जनक जी ने प्रतिज्ञा की थी जो भी इस शिव धनुष को तोड़ेगा, उसी वीर के साथ वे अपनी पुत्री सीता का विवाह करेंगे। श्रीराम गुरु की आज्ञा लेकर उठते हैं और धीरे से शिव धनुष के पास जाते हैं। सभी देखते रह जाते हैं। श्रीराम एक ही हाथ से धनुष को उठा लेते हैं, प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष कड़कड़ाहट के साथ टूट जाता है। यह भी पढ़ें- Mau News: धनुष भंग होते ही जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा रामलीला परिसर धनुष टूटने की आवाज से तीनों लोक गूंज उठते हैं। परशुराम जी को पता च...