गंगापार, सितम्बर 8 -- Gangapar News: मांडा, हिन्दुस्तान संवाद। ऊंचडीह उपरौध के कुशलपुर गांव में स्थित सरकारी गोशाला के ज्यादातर गोवंश दिनभर जंगल में छोड़ दिए जाते हैं। गोवंश व्यवस्था और देखरेख के नाम केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है। हरा चारा तो दूर, गोशाला में भर पेट भूसा भी उपलब्ध नहीं रहता, जिसके चलते बीमार गोवंशों की संख्या बढ़ती जा रही है।मांडा क्षेत्र के ऊंचडीह उपरौध ग्राम पंचायत के कुशलपुर गांव में स्थित सरकारी गोशाला में कुल 171 गोवंश सरकारी अभिलेखों के अनुसार रखे गए हैं। मंगलवार को दोपहर इस गोशाला के गोवंश गोशाला के मैदान में खड़े और जमीन पर पड़े गोबर और गंदगी में किसी तरह खड़े थे। इस गोशाला के गोवंश चरने के लिए जंगल में छोड़े जाते हैं। अभिलेखों के अनुसार गोशाला में कुल पांच गोपालक नियुक्त हैं। चरही में भी केवल सूखा भूसा पड़ा थ...