गंगापार, जुलाई 4 -- Gangapar News: ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए शासन प्रशासन जो भी दावे करें लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि गांवों में खेल के मैदान नहीं है। जो सरकारी जमीन पड़ी थी उस पर विभिन्न सरकारी इमारतें बन चुकी है। गांव में प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल है लेकिन उनके पास मैदान नहीं है और जहां खेल मैदान है वहां पर्याप्त व्यवस्थाएं ही नहीं है। जिसके कारण गांवों में खुले मैदान ही खेत प्रतिभाओं के ग्राउंड बन जाते है। ऐसे में खेलों में ग्रामीण प्रतिभाओं का सामने निकलकर आना असंभव होकर रह गया है। इलाके में ऐसे दर्जनों की संख्या में गांव है जहां न तो गांव में खेलने के लिए जमीन है और न ही स्कूल के पास ही इतनी जगह है कि वहां विद्यार्थी खेल सकें। हालाकि कुछ स्कूलों में खेल ग्रांउड है परन्तु वह भी उदासीनता और शासकीय कार्यप्रणाली क...