नई दिल्ली, मई 19 -- ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाने वाला 'गंगा दशहरा' सनातन में शिव और शक्ति के संयोग का पवित्र-पावन पर्व है। गंगा त्रिदेव की कृपासंयुक्त हैं। भगवान शंकर ने इन्हें शुद्ध किया। भगवान विष्णु ने इन्हें उत्पन्न किया। ब्रह्मा ने इनका उद्गम स्थान स्थापित किया। पितृ तर्पण हेतु राजा भगीरथ इन्हें पृथ्वी पर लेकर आए।क्यों कहते हैं गंगा दशहरा को महाअघतारकम पर्व वेदों में गंगा को 'अप:सती' कहते हैं अर्थात जो सृष्टि की रक्षा करती है। गंगा हमारी आध्यात्मिक यात्रा का प्रारंभ बिंदु है। यह गंगोत्री से गंगासागर तक वैसे ही यात्रा करती है, जैसे मनुष्य अपने जीवनकाल में पुरुषार्थ चतुष्ट्य और आश्रम व्यवस्था से गुजरता है। आध्यात्मिक चेतना की माता गायत्री की 'गायत्री जयंती' भी इसी दिन मनाई जाती है। गंगा दशहरा पर गंगा का पूजन करने से ...