नई दिल्ली, अगस्त 6 -- संसद के मॉनसून सत्र में लगातार जारी हंगामे और गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार ने विपक्ष की ओर बातचीत का हाथ बढ़ाया है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक यानी FCRA बिल के प्रावधानों में नरमी बरतने को तैयार है और इसमें कोई भी ऐसा नियम लागू नहीं किया जाएगा जिसका असर पूर्व के मामलों या निवेशों पर पड़े। इसी बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से अहम मुलाकात की है। मॉनसून सत्र 13 अगस्त तक चलना है। माना जा रहा है कि इसी सत्र में इस बिल को पेश करना इस बात पर निर्भर करेगा कि विपक्ष चर्चा के लिए कितना तैयार है।FCRA बिल को लेकर क्या है विवाद और सरकार का रुख? सिविल सोसायटी और ईसाई संगठनों समेत कई धार्मिक समूहों ने FCRA बिल में 'स...