फतेहपुर, अगस्त 4 -- Fatehpur News: फतेहपुर, संवाददाता । तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए गंगा नदी वरदान के बजाय हर साल तबाही का सबब बन रही है। मानसून आते ही जलस्तर बढ़ने से दर्जनों गांव बाढ़ की विभीषिका से घिर जाते हैं। इस आपदा के साथ ही होने वाली कटान ग्रामीणों के लिए दोहरी मुसीबत बन चुकी है, जिससे साल दर साल सैकड़ों किसानों की खेती योग्य उपजाऊ जमीन गंगा की जलधारा में समा चुकी है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा तत्कालिक राहत कार्य तो किए जाते हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी कार्ययोजना नहीं बनाई जा सकी। नतीजतन हर बार हजारों हेक्टेयर लहलहाती फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो जाती हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ते ही तटीय इलाकों में दहशत दिखाई देना शुरू हो जाती है। औंग के कटरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सब्जियों और फूलों की खेती किसानों द्वारा की ज...