फतेहपुर, अक्टूबर 13 -- Fatehpur News: चौडगरा। क्षेत्र के पहरवापुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास आचार्य राघव जी महाराज ने राजा परीक्षित द्वारा जाने-अनजाने में समीक ऋषि के गले में मरा हुआ सांप डालने की घटना और शृंगी ऋषि द्वारा उन्हें सातवें दिन तक्षक नाग के काटने का शाप मिलने के प्रसंग सुनाए। कहा कि मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है अपितु मानव जीवन का उद्देश्य कृष्ण प्राप्ति शाश्वत है। प्रभु से बढ़कर कोई और सुख, संपत्ति या सम्पदा नहीं है। इस मौके पर संतोष तिवारी, आलोक गौड़, आदर्श चौहान, दीपक चौहान, कमलेश, जगरूप तोमर, जयराम तोमर, वीरेंद्र तोमर आदि मौजूद रहे।

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