फतेहपुर, जुलाई 16 -- Fatehpur News: फतेहपुर। दूसरों की सुरक्षा का दम भरने वाली खाकी खुद भगवान भरोसे है। जिला पुलिस के जवान अपराधियों से बाद में, पहले जर्जर भवनों और टपकती छतों की आपदा से लड़ रहे हैं। मानसून की दस्तक के साथ ही यह नजारा आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' की पड़ताल के दौरान सामने आया है, जिसने महकमे की व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कहीं महज सौ रुपये के किराये के कमरे में रेंगती हुई पुलिसिंग चल रही है, तो कहीं वर्ष 1938-39 की जर्जर इमारतें और वर्षों पहले कंडम घोषित हो चुके बैरक सिपाहियों के लिए 'डेथ वारंट' बने हुए हैं। हालात ऐसे हैं कि थानों की छतों से टपकती बूंदें अब पुलिस विभाग की साख और दावों पर गंभीर सवाल बनकर टपक रही हैं。

छिवलहा चौकी- टपकती छत के नीचे गुजरती रातें छिवलहा पुलिस चौकी की तस्वीर पुलिसकर्मियों की मुश्क...