फतेहपुर, जुलाई 20 -- Fatehpur News: फतेहपुर। 14 सीएचसी, 45 पीएचसी और 359 उपकेंद्रों वाले इस जिले में स्वास्थ्य कर्मियों के आवास और कई अस्पताल पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। टपकती छत, गिरता प्लास्टर और टूटी बाउंड्रीवाल के बीच डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं दे रहे हैं। सालों से मरम्मत की फाइलें दौड़ने के बावजूद धरातल पर राहत नहीं मिली। नतीजतन, डॉक्टर रात में रुकने से कतराते हैं, जिससे इमरजेंसी सेवाएं और मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। यह नजारा आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' की पड़ताल के दौरान देखने को मिला। सीन-1: एपीएचसी की छत से टपक रहा पानी

जर्जर एएनएम सेंटर की हालत विजयीपुर। यमुना तटवर्ती क्षेत्र की एकमात्र एपीएचसी किशनपुर पिछले करीब दस वर्षों से जर्जर एएनएम सेंटर भवन में संचालित हो रही है। मूल भवन को वर्षों प...