फर्रुखाबाद कन्नौज, अगस्त 20 -- Farrukhabad Kannauj News: फर्रुखाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। उम्र की ढलती शाम में भी अनुभव की रोशनी समाज को दिशा दे रही है। पांचाल की धरती पर बुजुर्ग सिर्फ परिवारों की धरोहर नहीं, बल्कि फर्रुखाबाद की पहचान गढ़ने वाले ऐसे 'बरगद' हैं, जिनकी छांव में कई पीढ़ियां आगे बढ़ीं। जिले के इतिहास, जरदोजी और छपाई उद्योग, शिक्षा के विस्तार से लेकर आलू की खेती को नई पहचान दिलाने तक बुजुर्गों की मेहनत और अनुभव की बड़ी भूमिका रही है। सीनियर सिटीजन डे पर ऐसे बुजुर्गों के योगदान और मौजूदा दौर में उनकी जरूरतों को समझना जरूरी है। जिले की पहचान लंबे समय से जरदोजी, कपड़ा छपाई और हस्तशिल्प से जुड़ी रही है। इन कामों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने में बुजुर्ग कारीगरों का योगदान अहम रहा है। पुराने कारीगरों ने हाथ की कारीगरी, रंगों की समझ और ...