फर्रुखाबाद कन्नौज, सितम्बर 24 -- Farrukhabad Kannauj News: फर्रुखाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। अस्पताल में जब किसी मरीज के इलाज की बात होती है, तो अक्सर डॉक्टर और नर्स का चेहरा ही दिमाग में आता है। लेकिन इस पूरी व्यवस्था में एक और मजबूत स्तंभ होता है फर्मासिस्ट। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के मौके पर सेहत की इस अहम कड़ी को समझना इसलिए जरूरी है, क्योंकि जिले में सीमित संसाधनों के बावजूद ये फार्मासिस्ट इमरजेंसी से लेकर आरोग्य मेलों तक हर जगह डटे हैं। कई बार डॉक्टर की गैर मौजूदगी में अस्पताल की दवा संबंधी व्यवस्थाओं को संभालने की जिम्मेदारी भी इन्हीं के कंधों पर होती है। लोहिया अस्पताल और ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में स्वीकृत पदों की तुलना में कर्मचारियों की भारी कमी है, जिसके चलते एक-एक फार्मासिस्ट को कई-कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां न...