नई दिल्ली, नवम्बर 20 -- कल्पना कीजिए- एक ऐसा युद्धक्षेत्र जहां दुश्मन की आंखें यानी रडार को कुछ दिखाई ही न दे। जहां एक विमान न सिर्फ हवा में राज करे, बल्कि जमीन पर भी हमला बोले और वह भी बिना किसी को खबर दिए। यह कोई साइंस-फिक्शन फिल्म नहीं, बल्कि आज के हवाई युद्ध की हकीकत है। अमेरिका का F-35 लाइटनिंग II और रूस का Su-57 फेलॉन- ये दोनों पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं, जो स्टील्थ (अदृश्यता), सेंसर फ्यूजन (डेटा एकीकरण) और मल्टी-रोल क्षमताओं से लैस हैं। लेकिन एक सवाल बना हुआ है: इनमें से कौन सा दुनिया का सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान है? और भारत जैसे देश के लिए कौन सा विकल्प सही हो सकता है क्योंकि दोनों ही देशों ने भारत को बिक्री का ऑफर दिया है। आइए इस सबको विस्तार से समझते हैं।F-35 की जड़ें- अमेरिका का 'जॉइंट स्ट्राइक फाइटर' सपना F-35 की कहानी 1...
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