नई दिल्ली, जनवरी 30 -- राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत अब सिर्फ एक संदिग्ध डेथ नहीं, बल्कि कई सवालों और कड़ियों से जुड़ी एक जटिल मिस्ट्री बन चुकी है। पोस्टमार्टम के बाद साध्वी का शव परिजनों को सौंप दिया गया है और उसे आरती नगर स्थित आश्रम ले जाया गया। लेकिन असली इंतज़ार अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का है, क्योंकि इसी रिपोर्ट से यह साफ हो पाएगा कि साध्वी की मौत एक मेडिकल चूक थी, दवा का रिएक्शन या फिर कुछ और।कौन थीं साध्वी प्रेम बाईसा? साध्वी प्रेम बाईसा मूल रूप से जोधपुर की रहने वाली थीं। कम उम्र में ही उन्होंने कथा वाचन और भजन गायन के ज़रिये बड़ी पहचान बना ली थी। उनके कार्यक्रमों में हज़ारों की भीड़ जुटती थी। वह जोधपुर के साधना कुटीर आश्रम में रहती थीं और खुद को बाल संत बताती थीं। उनके पिता वीरमनाथ न सिर्फ उनके अभिभावक ...