नई दिल्ली, अगस्त 29 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने अखबार की रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए एक निजी अस्पताल को आदेश जारी किया है। कोर्ट ने 12 साल के एक लड़के को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत इलाज करने का निर्देश दिया है। लड़का एक इमारत से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गया था। उस वेंटिलेटर बेड की सख्त जरूरत थी। हाई कोर्ट ने कहा कि लड़के के पिता एक दिहाड़ी मजदूर हैं। उन्हें राजधानी के किसी भी सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर बेड खोजने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बाद नाबालिग को निजी अस्पताल ले जाया गया। अदालत ने एक अखबार की रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया। रिपोर्ट में कहा गया था कि 12 साल का ऋषभ सिंह परिहार 19 अगस्त को अपनी इमारत की पहली मंजिल से गिर गया था। उसे रोहिणी स्थित श्री अग्रसेन इंटरनेशनल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जस्टिस प्...