इटावा औरैया, सितम्बर 29 -- Etawah Auraiya News: इटावा। डीएफओ विकास नायक अपनी विशिष्ट कार्य शैली के लिए जाने जाते रहे। वे जिन स्थानों पर तैनात रहे वहां उन्होंने अपनी एक अलग छाप भी छोड़ी। इटावा में उनका कार्यकाल लगभग सवा साल का रहा। इस दौरान यहां फिशर वन में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी एक मजार को शांतिपूर्ण तरीके से हटाने का जो कार्य उन्होंने कराया, उसकी प्रशंसा होती रही। इसके साथ ही कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी भी डीएफओ विकास नायक की कार्यशैली और उनके मृदु व्यवहार के प्रशंसक रहे हैं। फिशर वन क्षेत्र में एक मजार बनी थी जिसका कोई रिकॉर्ड नहीं था। वह अवैध मजार थी। यह भी पढ़ें- डीएफओ विकास नायक की मौत से गमजदा है वन विभाग इस मामले की पूरी सुनवाई डीएफओ विकास नायक ने की और फिर उसके बाद उसको वहां से हटाया गया। खास बात यह रही कि विकास नायक ने...