इटावा औरैया, अक्टूबर 18 -- Etawah Auraiya News: जसवंतनगर। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त 167 वर्ष पुरानी मैदानी रामलीला में रविवार को मेघनाद के शक्ति प्रहार से लक्ष्मण मूर्छित हो गए। हनुमान संजीवनी बूटी की पहचान न कर पाने पर पूरा पर्वत ही उठा लाए। इस दौरान सेतु बंध स्थापना, लंका में प्रवेश, अंगद-रावण संवाद, अंगद का पैर जमाना और कुंभकरण को जगाने की आकर्षक लीलाओं का मंचन किया गया। दोपहर 3 बजे राम-लक्ष्मण का विमान प्रतिदिन की तरह भगवान नृसिंह मंदिर से रामलीला मैदान पहुंचा, जिसके बाद लीला प्रारंभ हुई। विभीषण ने रावण को समझाया कि वह सीता को छोड़ दे, राम स्वयं नारायण हैं, उनसे बैर उचित नहीं है। यह सुनकर रावण उत्तेजित हो गया और विभीषण को लात मारकर दरबार से निकाल दिया। इसके बाद विभीषण राम की शरण में पहुंचे। यह भी पढ़ें- Shamli News: मेघनाथ ने लक्ष्...