इटावा औरैया, नवम्बर 1 -- Etawah Auraiya News: महेवा। नहर कोठी के सामने चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस आचार्य कुलदीप शास्त्री ने ध्रुव चरित्र कथा का बखान किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर के प्रति अटूट भक्ति और अच्छे संस्कार ही जीवन को सफल बनाते हैं। उन्होंने इन कथाओं के माध्यम से जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला। ध्रुव की मां ने उन्हें मौसी की फटकार का जवाब देने के बजाय भगवान की तपस्या करने की प्रेरणा दी। इससे यह सीख मिलती है कि निंदा को भी सकारात्मक रूप से लेकर सही दिशा में मोड़ा जा सकता है। प्रह्लाद चरित्र और नृसिंह अवतार की कथा ने भक्ति की शक्ति का महत्व समझाया। यह भी पढ़ें- Unnao News: संसार से ठोकर मिले तो भगवान की शरण में जाना चाहिए : आचार्य हिरण्यकश्यप के तमाम प्रयासों के बावजूद, भगवान ने अपनी भक्ति के बल पर प्रह्लाद को बचाया, जो ईश्वर...