एटा, अगस्त 2 -- Etah News: पुरानी बस्ती स्थित पंचायती बड़े जैन मंदिर में प्रातः जिनेन्द्र प्रभु का अभिषेक, शांति धारा नित्य नियम पूजन के पश्चात आचार्य नयन सागर महाराज ने शारदे वंदना की। उन्होंने श्रावकों को बताया कि गुरु हैं वो दिगंबर के उपासक हैं। इसलिए हम जैन हैं। समय और समझ दोनों अलग-अलग हैं। समय पर समझने वाले का कल्याण होता है। समय कीमती है। समय पर किया गया छोटा सा काम बड़ा फल देता है। आचार्यश्री ने कहा कि चार्तुमास का समय चल रहा है। इस पवित्र काल में साधु ही नहीं श्रावकों को भी अपने मन, वचन,काय, आहार, बिहार पर भी संयम रखना चाहिए। यह भी पढ़ें- Jhansi News: जिनवाणी को सुनने प्राप्त होते हैं भगवत्ता : माताजी आत्म कल्याण की चर्चा नहीं ''चर्या'' होनी चाहिए। दर्पण में अपना ऊपरी प्रतिबिंब दिखता है। आंतरिक छबि नहीं, आंतरिक निर्मलता लाने के ल...