एटा, अक्टूबर 26 -- Etah News: त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में दूध और दुग्ध उत्पादों की मांग अचानक काफी बढ़ जाती है। दूध, पनीर, खोआ और दही की मांग पूरी होने के बाद मिठाइयों के लिए दूध की उपलब्धता बेहद कम रह जाती है। इसके बावजूद, बाजारों में हर चीज भरपूर मात्रा में उपलब्ध है, जिससे शुद्ध मिठाइयों के निर्माण की संभावना न के बराबर रह जाती है। ऐसे में इन मिलावटी या कृत्रिम उत्पादों का सेवन करने से आम जनस्वास्थ्य के खराब होने की आशंका बनी रहती है। यह भी पढ़ें- Chapra News: सारण में दूध की कमी के बीच मिठाई बाजार में मिलावट का खेल आंकड़ों के मुताबिक, एटा जिले में प्रतिदिन कुल 11 लाख 20 हजार लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिसमें से करीब 5 लाख लीटर दूध डेरिया खरीद लेती हैं। वहीं, जिले की 21 लाख की आबादी के लिए लगभग 9 लाख 56 हजार लीटर दूध की जरूरत...