एटा, अगस्त 9 -- Etah News: एटा, पुरानी बस्ती स्थित बड़े जैन मंदिर में प्रातः श्रीजी का अभिषेक, शांति धारा पूजन हुआ। जागृतिकारी संत आचार्य नयन सागर महाराज ने बताया कि संसार में अगर सुख होता तो तीर्थंकर साधु महात्मा क्यों त्यागते। आचार्यश्री ने कहा कि सम्यक दर्शन श्रद्धा से होता है। यह सब के अनुभव की बात नहीं है। कुछ भाग्यशाली लोगों को ही सम्यक दर्शन होता है। उन्होंने बताया कि आत्मा सुषुप्त है। आत्मा कुछ करती नहीं। खाती पीती सोती नहीं। उसको जागृत करो। परिश्रम करने से अभ्यास करते रहने से मूर्ख भी विद्वान बन सकता है। कोई भी कार्य अगर समझदारी से किया जाए तो पछताने की गुंजाइश नहीं होती है। यह भी पढ़ें- Varanasi News: भक्ति जीवन को सफल बनाने वाली शक्ति : मुनि भावसागर श्री भक्तामर प्रशिक्षण शिविर में आचार्यश्री ने बताया कि भक्तामर जैन धर्म का सबस...