एटा, अक्टूबर 12 -- Etah News: जिले में जहां एक तरफ अन्नदाता धान की कटाई कर खुशियां मना रहा है, वहीं अवागढ़ ब्लॉक क्षेत्र के पिलखतरा रजवाहा में नौ महीने से पानी न आने के कारण तस्वीर बिल्कुल उलट है। सिंचाई के अभाव में जब फसलें सूखकर बर्बाद हो गईं, तो हताश किसानों को अपनी ही खून-पसीने से तैयार की गई फसल पर मजबूरन ट्रैक्टर चलवाकर उन्हें खेतों में ही जुतवाना पड़ा। अवागढ़ ब्लॉक क्षेत्र में रजवाहा किनारे बसे गांव जलूखेड़ा, बोर्रा, भोजपुर, गहला, बाबरपुर, लालपुर, सिकारारी, टिकाथर, नगला भिखारी, नयां बांस समेत जिले की सीमा तक 12 से अधिक गांव में सैकड़ों हेक्टेयर फसलों की सिंचाई पूर्णत: पिलखतरा रजवाहा पर ही निर्भर है।

पानी के अभाव में फसलें बर्बाद रजवाहा में बीते फरवरी माह से पानी न आने के कारण संबंधित सभी गांवों में पहले गेहूं की फसल और अब धान की फ...