नई दिल्ली, जुलाई 31 -- Loan: आप पहले से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की ईएमआई भर रहे हैं? अब नया लोन लेने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ अच्छी सैलरी होने से काम नहीं चलेगा। बैंक यह देखता है कि सभी ईएमआई चुकाने के बाद आपके पास हर महीने कितना पैसा बचता है। यही तय करता है कि आपको नया लोन मिलेगा या एप्लिकेशन खारिज हो जाएगा।बैंक चेक करता है ये रेशो लोन मंजूर करते समय बैंक सबसे पहले आपकी के मुकाबले ईएमआई का अनुपात देखते हैं। अगर आपकी हर महीने की इनकम 1 लाख रुपये है और आप पहले से 40 हजार रुपये की ईएमआई भर रहे हैं, तो आपका इनकम और खर्च का रेशो 40% होगा, जिसे सामान्य तौर पर सुरक्षित माना जाता है।एनबीएफसी ज्यादा इंटरेस्ट पर देते हैं लोन बैंक चाहते हैं कि नया लोन जोड़ने के बाद आपकी कुल ईएमआई आपकी मासिक इनकम के 50% से 60% से ज्यादा न हो। अगर नई ईएमआई जोड...