नई दिल्ली, मार्च 15 -- ईद-उल-फितर रमजान के पूरे महीने के रोजों के बाद आने वाला खुशियों का त्योहार है। इस दिन सुबह मस्जिदों में ईद की विशेष नमाज अदा की जाती है। लोग एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते हैं और घरों में सेवइयां समेत कई खास पकवान बनाए जाते हैं। इसी वजह से हर साल लोग ईद के चांद का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि चांद दिखाई देते ही पूरे माहौल में त्योहार की खुशी छा जाती है। जैसे-जैसे रमजान के आखिरी रोजे करीब आते हैं, वैसे-वैसे लोगों की नजरें आसमान की ओर टिक जाती हैं। बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगती है और लोग ईद की तैयारियों में जुट जाते हैं। साल 2026 में ईद-उल-फितर की तारीख को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। खगोलीय अनुमान के आधार पर माना जा रहा है कि सऊदी अरब और खाड़ी देशों में ईद 20 मार्च को मनाई जा सकती है, जबकि भारत मे...