दुमका, अक्टूबर 13 -- Dumka News: शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की गई। मान्यता है कि मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्द्धचंद्र सुशोभित है इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनका स्वरूप स्वर्ण के समान चमकीला है और यह परम शांतिदायक व कल्याणकारी हैं। शास्त्रों के अनुसार मां चंद्रघंटा की आराधना भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी होती है। इनकी पूजा से भक्तों को सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। कहा जाता है कि देवी की पूजा करने से लोगों में तेज, प्रताप और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और समाज में मान-सम्मान बढ़ता है। यह भी पढ़ें- Begusarai News: शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने की मां चंद्रघंटा की आराधना मंगलवार को जिले के विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पंडालों में...