दुमका, अक्टूबर 15 -- Dumka News: शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन गुरुवार को दुमका शहर के दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा-अर्चना श्रद्धा और उल्लास के साथ की गई। भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता होने के कारण मां दुर्गा के इस स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है। कमल के आसन पर विराजमान होने के कारण इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। चार भुजाओं वाली यशस्विनी देवी शुभदायिनी हैं। मान्यता है कि इनकी पूजा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पौराणिक कथा के अनुसार तारकासुर राक्षस का वध केवल शिव पुत्र द्वारा ही संभव था। यह भी पढ़ें- Bhagalpur News: स्कंदमाता की उपासना से भक्त की सारी इच्छाएं होती हैं पूरी, जीवन में आती है खुशियां,,,, उसके वध के लिए मां पार्वती ने अपने पुत्र कार्तिकेय, ज...