दुमका, अक्टूबर 27 -- Dumka News: मसलिया प्रखंड अंतर्गत ऐतिहासिक केन्द्रघाटा गांव में इस वर्ष मां लक्ष्मी की पूजा बेहद धूमधाम, उल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ संपन्न हुई। तीन दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना रहा। पूजा के अंतिम चरण में मंगलवार को ढोल-नगाड़ों की थाप और पारंपरिक ठाक डोल के साथ मां लक्ष्मी के घट को गाजे-बाजे के साथ गांव स्थित तालाब में विसर्जित किया गया। नम आंखों और इस विश्वास के साथ भक्तों ने विदाई दी कि मां अगले वर्ष फिर से अपने भक्तों के द्वार पर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लेकर पधारेंगी। केन्द्रघाटा गांव में मां लक्ष्मी की आराधना की यह परंपरा कोई नई नहीं है, बल्कि यह पिछले 200 वर्षों से चली आ रही है। यह भी पढ़ें- Kishanganj News: पुरन्दरपुर लक्ष्मी मंदिर परिसर में आयोजित मेला में उमड़ी...