नई दिल्ली, जनवरी 6 -- हिंसक बताकर दिल्ली पुलिस कांस्टेबल की नौकरी करने से रोकने के मामले में युवक को हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने युवक को कांस्टेबल पद पर नियुक्त करने के आदेश दिए हैं। न्यायमूर्ति मधु जैन एवं न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने युवक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि उम्मीदवार ने सभी मापदंडों को पूरा किया है, लेकिन पुलिस सत्यापन में एक ऐसे मुकदमे के आधार पर उसकी नियुक्ति रद्द कर दी गई, जिसमें वह पहले ही बरी हो चुका था। पीठ ने कहा कि दस्तावेजों में कहा गया है कि आरोपी की हिंसक प्रवृति को देखते हुए उसकी नियुक्ति खारिज की जा रही है। इस पर टिप्पणी करते हुए पीठ ने कहा कि दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी के बाद मारपीट को हिंसा की प्रवृति नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि कई बार बेवजह मारपीट के हालात बनते हैं। फिर इस माम...