हेमलता कौशिक, अप्रैल 4 -- एक व्यक्ति ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) में ड्राइवर की नौकरी पाने के लिए 17 साल कानूनी जंग लड़ी। अब जाकर दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर 46 वर्ष की उम्र में इस व्यक्ति को डीटीसी में ड्राइवर के पद पर नौकरी मिलेगी। न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल एवं न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने इस व्यक्ति के हक में फैसला सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को डीटीसी में ड्राइवर के पद पर दो महीने के भीतर नियुक्ति दी जाए। पीठ ने कहा कि यहां मुद्दा आरक्षण को लेकर था। यह व्यक्ति उत्तर प्रदेश का निवासी है, जहां उसकी जाति अनुसूचित वर्ग में आती है, लेकिन दिल्ली में उसकी जाति आरक्षण श्रेणी में नहीं आती। इसी के चलते इस व्यक्ति को तमाम मापदंड पूरे होने के बाद भी नौकरी पर नहीं रखा गया।दूसरे प्रदेश का आरक्षण दिल्ली में देना कानून सम्मत पीठ ने स्प...