नई दिल्ली, जुलाई 25 -- कहते हैं कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती और न ही परिस्थितियां उन्हें रोक सकती हैं। अगर हौसला मजबूत हो, तो घर की चारदीवारी से निकलकर भी ऊंची उड़ान भरी जा सकती है। राजस्थान में डीएसपी के पद पर तैनात अंजू यादव की कहानी इसी विश्वास की मिसाल है। एक समय ऐसा था कि तैयारी शुरू करने से पहले अंजू यादव को आरएएस का फुल फॉर्म भी पता नहीं था। हालात इतने खराब थे कि आंखों के आंसू सूख चुके थे। लेकिन ऐसे कठिन हालात में हार नहीं मानी और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। डीएसपी बनने तक उनका सफर आसान नहीं था।अंजू यादव की जर्नी हरियाणा के एक साधारण किसान परिवार से आने वाली अंजू यादव ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर सफलता की नई मिसाल कायम की है। आज वह राजस्थान में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) के पद पर कार्यरत हैं। सितंबर 2025 म...