Diwali ki katha: दिवाली की कथा पढ़ें-कैसे मां लक्ष्मी बनी साहूकार की बेटी की सहेली
नई दिल्ली, नवम्बर 7 -- प्राचीन समय में एक नगर में एक साहूकार रहता था। साहूकार की बेटी बहुत पूजा करती थी। वो रोज मंदिर जाती और पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाती थी। एक दिन उसकी पूजा से प्रसन्न होकर मां लक्ष्मी ने उसे दर्शन दिए। वो उससे बोली कि मैं तुमसे बहुत खुश हूं, क्या तुम मेरी सहेली बनोगी। लेकिन साहूकार की बेटी बिना पिता की आज्ञा के कुछ नहीं करती थी, उसने बोला-मैं पिता की आज्ञा से पूछकर बताउंगी। अगले दिन उसने सारी बात अपने पिताजी को बताई और पिता की आज्ञा से वो मां लक्ष्मी की सहेली बन गई। एक दिन मां लक्ष्मी ने उस लड़की को अपने घर भोजन करने का निमंत्रण दिया। लड़की जब मां लक्ष्मी के घर भोजन करने गई तो वहां सोने चांदी के बर्तनों में खाना खाया। उसे सोने की चौकी पर बैठाकर भोजन कराया और बेशकीमती ओढ़नी भी दी। इस पर लड़की बहत खुश हुई। इसके बाद महालक्ष्...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.