धनबाद, सितम्बर 28 -- Dhanbad News: साहित्य जब मुस्कुराता है तो गंभीर से गंभीर बात भी सहज होकर दिल तक उतर जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार को धनबाद क्लब के ऑयस्टर हॉल में देखने को मिला। यहां हिन्दी साहित्य विकास परिषद ट्रस्ट की ओर से आयोजित हास्य उत्सव-हास्य कवियों के संग में शब्दों ने गुदगुदाया और व्यंग्य ने व्यवस्था की नब्ज पर हल्की-सी चुटकी ली। कभी तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी तो कभी ठहाकों से पूरा सभागार गूंज उठा। शाम ढलती रही, कविताएं चलती रहीं और सभागार में ठहाके गूंजते रहे। देश के चर्चित हास्य कवि संपत सरल, सरदार मनजीत सिंह और अमित शुक्ला ने अपनी हास्य-व्यंग्य रचनाओं से श्रोताओं को खूब हंसाया। संपत सरल की प्रस्तुतियों में राजनीति, सामाजिक विसंगतियां, महंगाई, आम आदमी की परेशानियां, भ्रष्टाचार और बदलते सामाजिक सरोकारों पर तीखे व्यंग्...