धनबाद, अगस्त 11 -- Dhanbad News: शहर की भागदौड़ से कुछ दूर सिंफर पहाड़ की ऊंचाई पर जब जंगल की पगडंडी से होकर कदम बढ़ते हैं तो धीरे-धीरे शहरी शोर पीछे छूट जाता है। चारों ओर पेड़ों की हरियाली, पक्षियों की चहचहाहट और पहाड़ की शांति के बीच अचानक सामने आता है एक छोटा-सा शिवधाम। यहां न घंटियों का शोर है, न भीड़ का कोलाहल, लेकिन वातावरण में हर-हर महादेव की अनुभूति सहज ही महसूस होती है। यही है श्रीश्री 1008 झारखंडेश्वर महाराज का अनोखा मंदिर, जहां वर्षों से एक प्राचीन शिवलिंग श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। न जाने कब और किसने स्थापित किया शिवलिंग

स्थानीय लोगों की जानकारी स्थानीय लोगों के अनुसार पहाड़ के ऊपर स्थित इस शिवलिंग की स्थापना कब हुई और इसे किसने स्थापित किया, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। बुजुर्ग बताते हैं कि उनके पुरखों न...