धनबाद, अगस्त 26 -- Dhanbad News: धनबाद, संवाददाता। सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा ने निजी अस्पताल में इलाज कराने को लेकर उठे सवालों पर मंगलवार को सफाई दी। 20 अगस्त को पेट दर्द की शिकायत के बाद असर्फी अस्पताल में भर्ती होने का मामला चर्चा में आया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इलाज में खर्च हुई राशि कर्मचारी बीमा योजना के तहत देय है। सरकारी कर्मचारियों को सरकार की ओर से इस योजना का लाभ मिलता है। डॉ विश्वकर्मा ने कहा कि सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार दुरुस्त किया जा रहा है। गायनी और शिशु रोग से जुड़े मामलों में बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। यह भी पढ़ें- Munger News: सदर अस्पताल की सेहत खराब: पीपीपी मोड पर चल रहे एक्स-रे में खेल, मरीजों की जान जोखिम में हालांकि अभी अस्पताल में सिटी स्कैन और आईसीयू जैसी कई जरूरी सु...