धनबाद, अगस्त 10 -- Dhanbad News: मांदर की थाप, संथाली गीतों की मिठास और पारंपरिक नृत्य की लय...। सिर पर सजी पारंपरिक पगड़ियां, रंग-बिरंगे परिधानों में सजीं महिलाएं और हाथों में लहराते सरना ध्वज। कदम बढ़े तो लगा मानो जंगल-पहाड़ों की सांस्कृतिक विरासत शहर की सड़कों पर उतर आई हो। विश्व आदिवासी दिवस पर रविवार को धनबाद आदिवासी संस्कृति, परंपरा और लोकजीवन के रंग में पूरी तरह सराबोर नजर आया। विभिन्न प्रखंडों से जुटे आदिवासी समाज के लोगों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों, गीत-संगीत, नृत्य और पारंपरिक हथियारों के साथ ऐसी सांस्कृतिक छटा बिखेरी कि राह चलते लोग भी ठिठक कर इस अनूठे कारवां को निहारते रह गए। सोनोत संथाल समाज के बैनर तले जिला परिषद मैदान से निकली सांस्कृतिक शोभायात्रा हीरापुर हटिया मोड़ होते हुए रणधीर वर्मा चौक पहुंची। शोभायात्रा में आगे-आगे मा...