धनबाद, अक्टूबर 1 -- Dhanbad News: नक्सल प्रभावित तोपचांची और टुंडी से लेकर कोरोना काल की चुनौती और सदर अस्पताल शुरू कराने तक, धनबाद में करीब 19 साल स्वास्थ्य सेवा देने के बाद बुधवार को सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा सेवानिवृत्त हो गए। विदाई के वक्त 36 साल के सेवाकाल की यादें ताजा की। इस दौरान उनकी बातों में उपलब्धियों के साथ भावनाएं झलक उठी। उन्होंने कहा वंचित और मजबूर लोगों के लिए कुछ कर पाना उनके लिए सौभाग्य की बात रही। हिन्दुस्तान से खास बातचीत में डॉ. विश्वकर्मा ने नक्सल प्रभावित तोपचांची और टुंडी में काम करने के अनुभव को खास बताया। कोविड काल में मरीजों की सेवा, सदर अस्पताल शुरू कराना, आयुष्मान भारत योजना के तहत सदर में इलाज शुरू करवाना, सदर अस्पताल की जमीन की घेराबंदी, तोपचांची में डायलिसिस यूनिट शुरू कराना और एनआरएचएम व एनयूएचएम के ...