धनबाद, अक्टूबर 16 -- Dhanbad News: जिस अलग झारखंड राज्य के लिए दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़े, आज उसी राज्य में आंदोलनकारी इलाज के लिए तरस रहे हैं। तेलीपाड़ा के रहनेवाले आंदोलनकारी वरुण सेन दो महीने से पेंशन के इंतजार में बिस्तर पर पड़े हैं। पैसे के अभाव में इलाज नहीं हो पा रहा है और घर चलाने के लिए उनकी पत्नी दूसरों के घरों में जूठे बर्तन धोने को मजबूर है। धनबाद जिले में चिह्नित 250 आंदोलनकारियों में से 148 को अगस्त और सितंबर महीने की पेंशन नहीं मिली है। राज्य सरकार हर माह इन्हें 3500 रुपये पेंशन देती है। दुर्गापूजा के मौके पर भी जब लोगों के घरों में खुशियां हैं, वरुण सेन जैसे बुजुर्ग आंदोलनकारी बिस्तर पर पेंशन का इंतजार कर रहे हैं।

इलाज और घर चलाने का संकट तेलीपाड़ा निवासी वरुण सेन चलने-फिरने में असमर्थ हो चुके ह...