धनबाद, सितम्बर 23 -- Dhanbad News: "करम-करम कहलेगे आयो, करम कर दिना कैसे आवै हो..." की तान, ढोल-मांदर की थाप और पारंपरिक वेशभूषा में सजी युवतियों का गोल घेरा...। करम डाल की चारों ओर झूमते कदम और हाथों में जावा से सजी डलियां। मंगलवार को शहर से लेकर गांव तक कुछ ऐसा ही लोक रंग बिखरा रहा। बहनों ने भाइयों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए निर्जला उपवास रखा। करम डाल की पूजा हुई और रातभर करम गीतों पर नृत्य का दौर चलता रहा। एक ओर से जहां मूलवासी समाज ने घर-घर अपनी परंपरा के अनुसार करम पर्व मनाया, वहीं दूसरी ओर आदिवासी समाज ने झारखंड मैदान में सामूहिक रूप से करम महोत्सव का आयोजन किया। लोकनृत्य, पारंपरिक गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए करम की परंपरा और आदिवासी-मूलवासी संस्कृति की झलक दिखी यह भी पढ़ें- Ranchi News: सिल्ली में श्रद्धा...