धनबाद, जुलाई 20 -- Dhanbad News: धनबाद, प्रमुख संवाददाता। द ब्लैक पर्ल्स धनबाद, ऑल इंडिया कल्चरल काउंसिल और रंग संस्कार थिएटर ग्रुप अलवर राजस्थान की ओर से विवाह भवन, लुबी सर्कुलर रोड, कला भवन के सामने धनबाद में आयोजित रंगशाला 2026 के दूसरे दिन रविवार को अभिनय में लाइट, कैमरा के महत्व को बताया गया। इसके साथ ही भारत मे रंगमंच और थिएटर के शुरुआत की जानकारी दी गई। डॉ मीणा ने वॉयस मॉड्यूलेशन, थ्री डायमेंशन स्टेज पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि फिल्मों में गाना, डांस समेत जो चीजें आईं, वह पारसी रंगमंच की देन है। उन्होंने बताया कि शुरुआती फिल्मों में जो सीन के फ्रेम दिखते हैं, वे पारसी शैली के नाटकों के थे। यह भी पढ़ें- 'रंगमंच केवल अभिनय की कला नहीं' पारसी लेखकों ने ही कहानियां भी लिखीं। कैमरे बड़े होते थे। कार्यशाला के दौरान वर्तमान में हो रहे फ़...