नई दिल्ली, जुलाई 25 -- Devshayani Ekadashi Vrat Katha: आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और यहीं से चातुर्मास की शुरुआत होती है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं तथा व्रत कथा का पाठ करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और नियम के साथ किया गया यह व्रत सुख-समृद्धि और पुण्य प्रदान करता है। आइए जानते हैं देवशयनी एकादशी की व्रत कथा और कथा पढ़ने के बाद कौन से पांच काम करना शुभ माना जाता है।देवशयनी एकादशी व्रत कथा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन समय में सूर्यवंश के राजा मान्धाता अपने न्यायप्रिय स्वभाव और धर्म पालन के लिए प्रसिद्ध थे। उनके राज्य में सभी लोग सुखी और संपन्...