देवरिया, अक्टूबर 8 -- Deoria News: बरहज, हिन्दुस्तान संवाद। नगर के नंदना वार्ड स्थित विश्वनाथ त्रिपाठी शिक्षण संस्थान में चल रही श्रीराम कथा में व्यास विनय मिश्र ने कहा कि पिता के वचन की लाज रखने को राम ने राजपाट त्याग दिया, वनवास स्वीकार किया और मर्यादा की ऐसी मिसाल कायम की, जो युगों-युगों तक मानवता को सत्य, त्याग और कर्तव्य का मार्ग दिखाती रहेगी।उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन का सबसे बड़ा संदेश त्याग, कर्तव्य और वचन पालन है। पिता राजा दशरथ ने कैकेयी को दिए वचन को निभाने के लिए जब राम को 14 वर्ष का वनवास देने का निर्णय सुनाया, तो श्रीराम ने बिना किसी विरोध के राजपाट त्याग दिया।राम के वन जाने का समाचार सुनकर अयोध्यावासी भावुक हो उठे। राजसुख और सिंहासन को छोड़कर वन की कठिन राह चुनने वाले राम ने यह संदेश दिया कि व्...