देवरिया, जुलाई 27 -- Deoria News: देवरिया, निज संवाददाता। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में आकलन के जरिए विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता को परखा जाता है। निपुण प्लस मोबाइल एप के जरिए शिक्षक, एसआरजी, डायट मेंटर हर माह विद्यालयों में बच्चों का आकलन करते हैं। इसमें ग्रामीण व नगर क्षेत्र के करीब साठ फीसदी विद्यालय संघर्षशील हैं।

संघर्षशील विद्यालयों का निरीक्षण निपुण आकलन के आधार पर ही जिलाधिकारी जुलाई माह में सभी संघर्षशील स्कूलों का निरीक्षण भी करा रहे हैं। पूरे वर्ष आकलन के बाद डीएलएड के प्रशिक्षुओं से आकलन कराया जाता है, जिसके परिणाम के आधार पर स्कूल को निपुण बनाया जाता है। फिलहाल जनपद के करीब 60 फीसदी विद्यालय संघर्षशील हैं। जिसे मध्यम तथा सक्षम बनाने के लिए शिक्षकों तथा सभी मेंटर को काम करना होगा। जनपद के 16 विकास खण्डों में प्राथमिक स्तर ...