देवरिया, अक्टूबर 4 -- Deoria News: देवरिया, विधि संवाददाता। अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र नाथ त्रिपाठी की अदालत ने शनिवार को गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम में दो आरोपितों को दोषी पाया। अदालत ने 5 वर्ष के कठोर कारावास व प्रत्येक को 10 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित करने का फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक वाचस्पति मिश्र व शक्तिधर पांडेय ने बताया कि 13 मार्च 2002 को तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली एसएन सिंह को सूचना मिली कि और गुड़री रजला निवासी मदन बिंद व वीरेंद्र मल्ल एक संगठित गिरोह बनाकर लोक व्यवस्था भंग करते हैं तथा अनुचित लाभ के लिए समाज विरोधी क्रियाकलाप करते हैं। प्रभारी निरीक्षक की तहरीर पर थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। उभय पक्ष के तर्कों व साक्ष्यों के अवलोकन के पश्चात अदालत ने दोनों आरोपितों को दोषी पाए जाने प...