देवरिया, अक्टूबर 12 -- Deoria News: देवरिया, निज संवाददाता। नागरी प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में द्वितीय रविवारीय कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कवियों ने विविध भाव धाराओं, रस, छंद एवं अलंकारों से सुसज्जित रचनाएं सुनाकर कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कवियों ने सुनाईं विविध रचनाएं सच्चिदानंद सबेरा ने वाणी वंदना- हाथ जोरि के बिनती करि लें वीणा वाली...सुनाया गया। इसके बाद अरुणेश मिश्र ने रचना-ज्योति आलोक कहां है...सुनाकर वाहवाही बटोरी। राकेश कुमार ने- अब तुम्हें छोड़कर जाती हूं..., पार्वती देवी गौरा ने देवी दुर्गा की स्तुति में तोहरा के हम...भोजपुरी गीत सुनाया। रामेश्वर तिवारी राजन ने जगतारिणी मैया आई है जग को...देवी गीत सुनाया। सुनील त्रिपाठी ने रचना- माटी के निकम्मी नस्ल का इलाज क्या...प्रस्तुत कर गोष्ठी को ऊंचाई दी। अंजलि अरोड़ा खुशबू...